प्रहलाद सिंह पटेल का जन्म 28 जून, 1960 को मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र नरसिंहपुर जिले के तहसील गोटेगांव में पिता श्री मुलाम सिंह पटेल व माता श्रीमती यशोदा बाई, कृषक परिवार में हुआ। उन्होंने आदर्श विज्ञान महाविद्याय, जबलपुर से बीएससी (course), व रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से एल.एल.बी. व एम.ए. (दर्शन) की शिक्षा पूर्ण कीI श्री पटेल छात्र राजनीति में एक प्रखर और प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते हुए व जवाबदारी का निर्वाह/निर्वहन करते हुए राबर्टसन (साइंस) कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में मात्र 20 वर्ष की आयु में 1981 में विजयी हुए।सेवा, समर्पण व सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में अपने कार्यों की वजह से एक बिल्कुल ही अलग तरह की पहचान बनाई है।
श्री पटेल ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रबल समर्थक रहे हैं। उन्होंने गांवों के लिए कई कल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किए, कौशल विकास को बढ़ावा दिया और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर अवसंरचना तथा रोजगार के अवसरों के लिए कार्य किया है।
वे भारतीय संस्कृति, शाकाहार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी आध्यात्मिक यात्रा दो नर्मदा परिक्रमाओं में झलकती है, जिसमें उन्होंने नदियों के उद्गमों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता लाने के लिए कई लम्बी पैदल यात्राएं कीं।
श्री प्रहलाद सिंह पटेल अपनी सादगी, जनकल्याण के प्रति दृढ़संकल्पित और समावेशी विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित हैं। उनका जीवन और कार्य युवा नेताओं और नागरिकों को प्रेरित करता है, जो राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहते हैं।
उनका राजनितिक एवं सामाजिक जीवन शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक विषयों पर कार्यों की व्यापक श्रृंखला है, जो अनवरत जारी है।