जैसे नदियाँ पर्वतों से निकलती हैं,
विघ्नों को चीरती, राह बनाती हैं –
वैसे ही आपका जीवन,
संघर्षों को साध कर समाज का पथप्रदर्शन करता है।
- श्री प्रहलाद सिंह पटेल
प्रहलाद सिंह पटेल